कर्नाटक के प्रसिद्ध मंदिर: ऐतिहासिक धरोहर, धार्मिक महत्व और भव्य स्थापत्य कला के पवित्र स्थल
कर्नाटक, भारत के सबसे समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक राज्यों में से एक है, जहाँ अनेक प्राचीन मंदिर स्थित हैं। यहाँ के मंदिरों में द्रविड़, होयसला और विजयनगर स्थापत्य शैलियों का अद्भुत समावेश देखने को मिलता है। मुरुदेश्वर मंदिर, कोल्लूर मूकाम्बिका मंदिर, श्रीरंगपट्टनम रंगनाथस्वामी मंदिर, हम्पी के विट्ठल मंदिर और बेलूर-हालेबिड के होयसलेश्वर मंदिर जैसे धार्मिक स्थल न केवल आध्यात्मिक आस्था के प्रतीक हैं, बल्कि अपने अद्भुत शिल्पकला के लिए भी प्रसिद्ध हैं। यदि आप कर्नाटक की यात्रा कर रहे हैं, तो इन मंदिरों के दर्शन अवश्य करें।
कर्नाटक, दक्षिण भारत का एक समृद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक राज्य है, जो अपने कर्नाटक मंदिर और अनगिनत धार्मिक स्थलों के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ कर्नाटक के धार्मिक स्थल भक्तों और इतिहास प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र रहे हैं। भव्य मंदिरों की स्थापत्य कला, पौराणिक कथाओं से जुड़ी मान्यताएँ, और अद्भुत प्राकृतिक सौंदर्य इसे एक अद्वितीय तीर्थ स्थान बनाते हैं।
यहाँ की कर्नाटक तीर्थ यात्रा आपको आध्यात्मिक शांति प्रदान करती है और प्रत्येक वर्ष लाखों श्रद्धालु कर्नाटक के मंदिर दर्शन के लिए यहाँ आते हैं। यदि आप कर्नाटक में घूमने की जगह तलाश रहे हैं तो ये धार्मिक स्थल आपके लिए सर्वोत्तम रहेंगे। अब हम जानते हैं कर्नाटक के प्रसिद्ध मंदिर और उनके ऐतिहासिक व धार्मिक महत्व के बारे में।
बादामी गुफा मंदिर (Badami Cave Temple)
स्थान: बागलकोट जिला, कर्नाटक
बादामी गुफा मंदिर छठी शताब्दी का प्राचीन मंदिर है, जो अगस्त झील के किनारे स्थित है। इस गुफा मंदिर में कुल चार प्रमुख मंदिर हैं, जिनमें से तीन हिंदू धर्म से और एक जैन धर्म से संबंधित है। इस मंदिर तक पहुँचने के लिए करीब 2000 सीढ़ियाँ चढ़नी पड़ती हैं।
विरुपाक्ष मंदिर (Virupaksha Temple)
स्थान: हम्पी, कर्नाटक
विरुपाक्ष मंदिर तुंगभद्रा नदी के किनारे स्थित एक भव्य शिव मंदिर है। यह मंदिर युनेस्को विश्व धरोहर स्थल की सूची में शामिल है और सातवीं शताब्दी में निर्मित हुआ था। हम्पी का यह ऐतिहासिक स्थल न केवल भक्तों बल्कि इतिहास प्रेमियों और स्थापत्य कला प्रेमियों को भी आकर्षित करता है।
श्री शंखमुख मंदिर (Shri Shankhmukh Temple)
स्थान: बैंगलोर, कर्नाटक
इस मंदिर में भगवान शंखमुख की छह मुखों वाली अद्भुत मूर्ति स्थित है। इसके ऊपर बना क्रिस्टल गुंबद दिन में सूर्य की रोशनी में और रात को एलईडी लाइटिंग में अद्भुत चमकता है। मंदिर के प्रवेश द्वार पर मोर की मूर्तियाँ हैं, जो भगवान शन्मुख के वाहन माने जाते हैं।
चोक्कनाथ स्वामी मंदिर (Chokkanatha Swamy Temple)
स्थान: डोमलुर, बैंगलोर
दसवीं शताब्दी में चोल राजवंश द्वारा निर्मित यह मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है। मंदिर में कई तमिल अभिलेख और स्तंभों पर उकेरी गई सुंदर नक्काशी देखने को मिलती है, जो स्थानीय नृत्य रूपों और परंपराओं को दर्शाती हैं।
इस्कॉन मंदिर (ISKCON Temple)
स्थान: राजाजीनगर, बैंगलोर
यह मंदिर 1997 में बनकर तैयार हुआ था और राधा-कृष्ण को समर्पित है। इसकी अद्भुत स्थापत्य कला विशेष रूप से रात के समय देखने लायक होती है। यहाँ हर साल हजारों भक्त आते हैं।
सोमेश्वर मंदिर (Someshwara Temple)
स्थान: उलसूर, बैंगलोर
यह मंदिर चोल राजवंश द्वारा बनवाया गया था और बाद में इसे विजयनगर साम्राज्य ने पुनर्निर्मित किया। यह मंदिर 1200 वर्षों से अधिक पुराना है और इसकी नक्काशीदार दीवारें कर्नाटक की विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती हैं।
महाबलेश्वर मंदिर (Mahabaleshwar Temple)
स्थान: गोकर्ण, उत्तर कन्नड़
यह मंदिर द्रविड़ शैली में बना हुआ है और इसे "दक्षिण काशी" भी कहा जाता है। यहाँ स्थित शिवलिंग की धार्मिक महत्ता वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर के समान मानी जाती है।
पट्टडकल (Pattadakal)
स्थान: कर्नाटक
पट्टडकल एक प्राचीन गाँव है, जिसे "रक्तपुर" भी कहा जाता है। यहाँ सातवीं और आठवीं शताब्दी में निर्मित दस प्रमुख मंदिर हैं, जिनमें से नौ हिंदू धर्म और एक जैन धर्म से संबंधित हैं।
मंजुनाथ मंदिर (Manjunatha Temple)
स्थान: धर्मस्थल, दक्षिण कन्नड़
यह 800 वर्ष पुराना मंदिर भगवान शिव को समर्पित है, जहाँ उन्हें मंजुनाथ के रूप में पूजा जाता है। यहाँ जैन धर्म से जुड़ी मूर्तियाँ भी स्थापित हैं और मंदिर का प्रशासन जैन परिवार द्वारा किया जाता है।
मुरुदेश्वर मंदिर (Murudeshwar Temple)
स्थान: कंडुका हिल, कर्नाटक
यह भगवान शिव को समर्पित प्रसिद्ध हिंदू मंदिर है। यहाँ स्थित भगवान शंकर की विशाल मूर्ति भारत की सबसे ऊँची मूर्तियों में से एक है। यह मूर्ति समुद्र से घिरी हुई है, जिससे इसका दृश्य अद्भुत लगता है।
वीर नारायण मंदिर (Veer Narayan Temple)
स्थान: बेलावड़ी, चिकमंगलूर
महाभारत काल से जुड़ा यह मंदिर पांडवों के समय से जुड़ा हुआ माना जाता है। यहाँ भगवान वीर नारायण स्वामी, वेंगुपाल, और योगनरसिम्हा के मंदिर स्थित हैं।
विद्याशंकर मंदिर (Vidyashankar Temple)
स्थान: कर्नाटक
यह मंदिर विजयनगर साम्राज्य के योगदान को दर्शाने वाले शिलालेखों के लिए प्रसिद्ध है। इसे एक संत 'विद्यारण्य' द्वारा बनवाया गया था।
दुर्गा मंदिर (Durga Mandir)
स्थान: ऐहोले, कर्नाटक
मालाप्रभा नदी के किनारे स्थित यह मंदिर अद्वितीय वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है। हालाँकि, यह नियमित पूजा-पाठ के लिए उपयोग नहीं किया जाता है।
कोटे वेंकटेश्वर मंदिर (Kote Venkataraman Swamy Temple)
स्थान: बैंगलोर, कर्नाटक
यह मंदिर 17वीं शताब्दी में मैसूर के राजा चिक्का देवा द्वारा बनवाया गया था। यहाँ की वास्तुकला में विजयनगर और द्रविड़ शैली का अद्भुत समावेश देखा जा सकता है।